Sant Shri Asharamji Ashram News Bulletin (मंगलमय संस्था समाचार) 3-1-14

Sant Shri Asharamji Ashram News Bulletin (मंगलमय संस्था समाचार) 3-1-14

Sant Shri Asharamji Ashram News Bulletin (मंगलमय संस्था समाचार) 3rd January 2014
Anchor – Neelam Dubey, Mangalmay Sanstha Samachar

बापू आशाराम आज जोधपुर की जेल में बंद हैं । मिडिया, खास कर एलेक्ट्रोनिक मिडिया बापू आशाराम में कोई ना कोई कमी ढूँढ ही लेती है । लेकिन कर्नाटक में मांड्या से तहियत शंको सुल्ताना बापू को मुर्शिद मानती हैं । जरा देखते हैं उनका क्या कहना है ।

मेरे पीर और मुर्शद का नाम है पीर शैयद रसूल शाह खादरी एफ़ी ऐनुर अहमतुला अली । तो उनके पीर और मुर्शद का, मेरे दादा मुर्शद का नाम है शैयद अमीर शाह खॅजरी अहेमद तुला अली । तो मेरे पीर पर्दा होगये बाद परेशान बहुत रही थी । तो ४ बरस कर्नाटक से कश्मीर तक बहुत घूमी । मुझे कोई सही फकीर मेरे पीर के जैसा नही मिला । तब मैं आशाराम बापू के छिंदवाड़ा आश्रम को गयी थी । उधर बापूजी कि फ़ोटो देखते ही मेरे पीर का हुकुम हो गया ये फकीर तेरे को सही है । आशाराम पीर जो हैं वो भगवान है । तू उधर ही ठहर जा । तो मैं आशाराम बापूजी के छिंदवाड़ा आश्रम में ८ दिन रुकी । जब से मैंने मंत्र दीक्षा ली मेरा हर काम रूहानी के हिसाब में, बापूजी तो शिव भगवान हैं । जिस दिन मैं आई उस दिन ही एक तरफ मेरे पीर-मुर्शिद को देखी और दूसरी तरफ तो भोलेनाथ भगवान बैठे हुए थे । मैं समझ गयी ये पीर के नाम पे भगवान बैठा है । मैं समझ गयी ये भगवान के नाम पे पीर बैठे हैं जिन्दा । अल्ला-ताला ने चाहे मेरे को जन्नत दो, चाहे दोजख दो, दोजख के अंदर में जलने में तैयार हूँ । लेकिन मेर्रे पीर शैयद रसूल शाह खादरी को और आशाराम बापूजी को मैं छोड़ने को तैयार नहीं हूँ । मैं तो जब कुरान शरिख पढूँगी तो भी मेरे पीर का नाम लेके, दूसरे पीर मेरे आशाराम बापूजी ही हैं यही बोल के मैं कुरान भी उठाती हूँ, पढ़ती हूँ ।

और कर्नाटक से चलते हैं महाराष्ट्र की तरफ । महाराष्ट्र में महिलाओं का एक समूह बापू आशाराम के समर्थन में खुलम-खुला उतर चूका है । और साफ-साफ कह रहा है अब हम षड्यंत्रकारियों को नही बख्शेंगे ।

१० साल पहले बापूजी को कहीं से ये पता चला की जो लड़कियाँ, महिलाए कॉल सेंटर में रात को काम करती हैं या देर तक काम करती हैं । उनके साथ कुछ गलत व्यवहार हो रहा है, उनका शारीरिक शोषण होता है । उनके साथ बहुत बुरी हरकतें होती हैं तो इन सब के लिए बापूजी ने महिला उत्थान आश्रम कि स्थापना कि । यहाँ पर हम सब महिलांए मिलकर जिस महिला के साथ दुर्व्यवहार होता है, तो हम सब एकत्रित होकर उसकी सहायता करते हैं । हमारे एक केंद्र में १००-१५० महिलाएं हैं । और अगर पुरे उल्हासनगर में देखा जाये तो हज़ारों से ज्यादा होंगी । क्या से क्या आरोप लगाये जा रहे हैं के बापूजी महिलाओं के साथ शोषण करते हैं या महिलाओ से गलत हरकतें कि गयी हैं । हम यहाँ पर इतनी सारी महिलांए मौजूद हैं, लेकिन हम में से तो किसी के पास कोई मिडिया वाला आया नहीं । हमे तो किसी ने कुछ पूछा नहीं । पता नहीं कहाँ से कौनसी औरतें ले कर आई गयी हैं । उनसे क्या बात कि गयी है, वो क्या कह रही हैं ? हमें कुछ पता नहीं है । लेकिन हम इतने सालों से जा रहे हैं अहमदाबाद जाते हैं, सूरत जाते हैं, जहां पर बापूजी का सत्संग होता है हम जाते हैं । लेकिन कभी हमारे साथ कोई भी दुर्व्यवहार हुआ नहीं है । कभी भी हमारे साथ कोई भी गलत हरकत नहीं हुई है । यहाँ पर कितनी सारी महिलाये हैं जो घर-गृहस्ती संभालती हैं, कोई जॉब करती हैं । कोई किसी अच्छे पद पर से आई हैं । कितनी सारी लड़कियाँ आतीं हैं बाल-संस्कार चलाती हैं, कॉलेज जतिन हैं । यहाँ पर आकर बापूजी के संपर्क में आकर हर महिला को ये अनुभव होता है कि वो किस तरह से अपना घर-संसार चलाये । किस तरह से वो बाहर जाकर अपनी रक्षा करें ।

लाखो-करोड़ों महिलाए हैं आज बापूजी के साथ, हमारे जैसी हैं । यहाँ तो १०-१५ दिखाई देंगीं आपको । लेकिन जो दिखाई नहीं देती, जिनकी रिकॉर्डिंग नहीं हो रही है, या मिडिया को दिखाई नहीं दे रहा है । मिडिया हम लोगों तक खान पहुंची है ?  लेकिन फिर भी मिडिया आरोप लगा रही है । ये तो सब गलत है ।

मैं खुद एक पत्रकारिता की पढ़ाई कर रही हूँ । क्योंकि मैं इतने सारे सत्संगों पर जा रही हूँ । इतनी सारी किताबे पढ़ी हूँ । यौवन सुरक्षा किताब पढ़ी हूँ । बापूजी ने हर एक को ५ बार पढ़ने को बोली है । जब से मैंने ये किताब पढ़ी है मेरे अंदर एक शक्ति आई है । तो बापूजी कि वाणी में, बापूजी के हर शब्द में इतनी पवित्रता, इतना सत्य और इतनी सत्विकता है तो बापूजी कैसे किसी लड़की के साथ ऐसा दुर्व्यवहार कर सकते हैं ? हम तो नहीं मानते और बापूजी कभी करेंगें भी नहीं तो कोई कितना भी बोलेगा बापूजी ऐसे, बापूजी वैसे हम तो किसी के ऊपर विश्वास रखने वाले नहीं । मैं खुद मेरा अनुभव बोलती हूँ । मैं बापूजी के सान्निध्य में आने से मैं संयमता में बहुत आगे बढ़ चुकी हूँ । मेरी आयुष्य(जीवन) में अगर बापूजी नहीं होते तो मैं किधर जाती मुझे भी पता नहीं है । बापूजी कि कृपा से संयमी और बापूजी की सदाचारी लड़की हूँ और हमेशा रहूँगी ।

आशारामजी बापूजी पर जो भी आरोप लगे हैं इसमें ये कहा जाता है कि लक्ष्मी मैया और भारती दीदी ने इसमें उनका सहयोग किया है । लेकिन ऐसे कैसे हो सकता है ? हम कितनी बार आश्रम में अनुष्ठान के लिए गये हैं । कभी ११ दिन कभी २१ दिन । तो हम हमेशा लक्ष्मी मैया के और भारती दीदी के संपर्क में आये हैं । तो उन्होंने तो हमे हमेशा संयमी कैसे रहना है, अच्छी बातें जिससे हमे व्यवहारिक जीवन में फायदा हो सकें, अध्यात्मिक जीवन में फायदा हो सकें इस बारे में उन्होंने हमें सहयोग किया है । तो ऐसा तो हमने कभी देखा नहीं । मेरे जैसे कई शादी से पहले भी  कितनी सारी लड़कियाँ आश्रम में रूकती हैं लेकिन हमने कभी ये देखा नहीं के ऐसा कुछ हुआ है ।

हाँ हम सब बापूजी के साथ हैं ।

प्रसिद्ध भागवत कथाकार देवकीनंदन ठाकुर ने साफ़ साफ़ कहा है कि सारे आरोप हिन्दू संतों पर ही क्यों लगाये जाते हैं ? और जब आरोप लगते हैं, आरोप तय होने से पहले सजा क्यों दे दी जाती है । ऐसा दूसरे धर्म के संतों के साथ क्यों नहीं किया जाता ? उनके सवालों का जवाब दुनिया को देना ही पड़ेगा । देखते हैं

आई प्रॉमिस मैं किसी के पक्ष में नहीं हूँ और किसी के विपक्ष में नहीं हूँ । व्यासपीठ पर बैठा हूँ, एक-एक बात सच कह रहा हूँ । मैं आप सबसे एक बात कहना चाहूँगा । इंसानों में गलतियाँ होती हैं । आप में हिम्म्त है तो सिर्फ अच्छाई को स्वीकार करो, बुराई का परित्याग करो । ये तुम में होनी चाहिए इतनी अच्छी बात । और फिर अगर किसी में कमी है तो दे कानून सजा दे । हम जैसा कोई व्यक्ति अगर गलत करें तो १००० बार फाँसी की सजा दो । लेकिन वो सिर्फ हिंदुओं पे ही लागु ना हो । भारत एक है, राष्ट्र एक है, कानून सबके लिए एक जैसा होना चाहिए ।  भारत सुदृढ रहेगा, अखंड रहेगा । जितने भी चोर, पाखंडी हैं, चाहे किसी भी धर्म के सबको सजा मिलनी चाहिए । सिर्फ हमी लोगों को चुनेंगें ? वजह क्योंकि उन्हें पता है ये सब जो बैठे हैं ये स्वार्थी हैं । जबतक महाराज कथा सुनाता रहेगा, मुंडी हिलाते रहेंगे, ताली बजाते रहेंगें । लेकिन जब महाराज को जेल में बंद कर दिया जायेगा तो महाराज की बुराई किस चैनल पर दिखाई जा रही है यह पूछ कर टीवी देखेंगे । राधे-राधे बोलो ! हाँ या ना, सही कह रहा हूँ ? गलत कह रहा हूँ, बोलिये ? आपको समझ में नही आती ये बात ? तुम्हारे लिए कोई और आयेगा ऊपर से समझाने ? जितना हिन्दू धर्म को निभाने कि मेरी जिम्मेदारी है, उतनी हिन्दू धर्म को आगे बढ़ाने कि यहाँ पर बैठे हुए और आस्था पर सुन रहे सभी कि जिम्मेदारी हैं । जिन्होंने अपनी हिन्दू माँ कि कोख से जन्म लिया है, जिसने हिन्दू माँ का दूध पिया है ! जिसने दूध पिया है, वो धर्म कि रक्षा करने के लिए आगे बढ़े, अगर आगे नही बढ़ा तो वो सच्चा हिन्दू हो नहीं सकता । राष्ट्र का भक्त नहीं हो सकता, वो अपने सनातन धर्म का भक्त नहीं हो सकता । जबसे मैंने कथा करनी शुरू कि मैंने किसी धर्म कि निंदा नहीं कि है और नाही करूँगा । लेकिन कोई हमारे धर्म पर कीचड़ उछलेगा तो ? माफ़ करना प्यारों ! अभी (हिंदुस्तान की) माताओं ने शेरों को जन्म देना बंद नहीं किया है । ये कभी मत भूलना ये देश कि लक्ष्मी बाई भी हाथ में तलवार उठा सकती है अपने राष्ट्र की रक्षा के लिए, अपने धर्म की रक्षा के लिए ! हम तो स्त्री नहीं है, हम तो पुरुष हैं ! ये ब्राह्मण ! दुष्टों के लिए परशुराम हैं ! डरना उस दिन से, जिस दिन ये ब्राह्मण परशुराम हो जायेंगें । अभी तो भक्ति के पथ पर हैं । आप सबसे ये निवेदन करेंगे First You Respect Your Religion Then You Respect Your Parents, After That You Respect Your Country, After That You Respect Your Society Then You Respect Yourself . उसके लिए प्राण न्यौछावर करने के लिए इबादत करो, तब जाकर तुम्हारा धर्म बचेगा । धर्म की रक्षा के लिए भगवान आते हैं बार-बार । पिताजी कहीं काम में बिज़ि(व्यस्त) हो जाये तो बेटे को काम सम्भालना चाहिए । जिस-जिस को अपने ठाकुर के आज्ञा कि चिंता है वो ठाकुर के काम को सम्भालों । क्योंकि मेरा ठाकुर धर्म कि रक्षा के लिए आता है ॥

परित्राणाय साधू नाम विनाशायच दुष्कृताम धर्म संस्थापन अर्थाय सम्भावनी युगे-युगे ॥ 

*

बड़े गजब कि बात है कि एक लड़की नारायण साईं पर बलात्कार का आरोप लगाने के लिए एफ.आई.आर. दर्ज करवाती है । लेकिन ये कैसे सम्भव है के २००१ में अगर बलात्कार हुआ है उस लड़की का तो वो ही लड़की २०१३ में नारायण साईं से आशीर्वाद लेने पहुँचती है ? ये देखिये, ये तस्वीर साफ-साफ बयाँ कर रही है यहाँ ये लड़की अपने पति के साथ नारायण साईं के पास आशीर्वाद लेने पहुँची है ।

जाने-माने नेता सुबर्मण्यम स्वामी ने निर्दोष संतों के लिए आवाज उठाई है । कांचीकाम कोठी के शंकराचार्य जयेंद्र सरस्वती ९ साल तक परेशानियाँ झेलते रहे । साध्वी प्रज्ञा पर भी संगीन आरोप लगे और ६ साल तक वो जेल में रहीं । और फिर वो निर्दोष भी साबित हुई । नित्यानंद स्वामीजी भी एक सी.डी. प्रकरण में गलत तरीके से फ़साये गये और वो भी निर्दोष साबित हुए । इतना ही नहीं केशवानंदजी भी ७ साल तक बलात्कार के केस में फसे रहे ।  और फिर वो भी निर्दोष साबित हुए । जमाना यही पूछ रहा है के संतों पर कबतक ऐसे अत्याचार चलते रहेंगे ?

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About Asaram Bapu Ji

Endearingly called ‘Bapu ji‘ also known as Sant Shri Asharamji Bapu - Sant Shri Asaramji Bapu - Sant Shri Asaram Bapuji - Sant Shri Asharam Bapuji - Sant Shri Asharam Bapu - Sant Shri Asaram Bapu, Asaram Bapu Ji, His Holiness is a Self-Realized Saint from India. Pujya Asaram Bapu ji preaches the existence of One Supreme Conscious in every human being; be it Hindu, Muslim, Christian, Sikh or anyone else. Pujya Bapu ji represents a confluence of Bhakti Yoga, Gyan Yoga & Karma Yoga.

Posted on January 4, 2014, in Mangalmay Sanstha Samachar and tagged , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , . Bookmark the permalink. Leave a comment.

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