#Bail4Bapuji 12-1-14 Sant Shri Asharamji Ashram News Bulletin (मंगलमय संस्था समाचार)

#Bail4Bapuji - 12-1-14 Sant Shri Asharamji Ashram News Bulletin (मंगलमय संस्था समाचार) 12th January, 2014

आज कुछ चैनलों द्वारा संत आशारामजी बापू को बदनाम करने में कोई कसर नहीं छोड़ी जा रही लेकिन फिर भी उन्हें पूरे भारत और विश्व से समर्थन खुलकर प्राप्त हो रहा है । आजकल हर क्षेत्र के लोगों को उनके संम्पर्क में आने से कैसी-कैसी अनुभूतियाँ हुई हैं ।

 

        सर्वेश चौरसिया अनुभव

बापूजी एक धर्म हैं । आज ४ से ५ करोड़ साधक उन्हीं की वजह से जुड़ें हुए हैं । धर्म क्या है यह मेरे जैसे कई युवानों को बापूजी ने ही समझाया है । धर्म के आलावा हिन्दू संस्कृति, सनातन धर्म का महत्व हमारे गुरुदेव ने ही हमे समझाया है । मीडिया चैनलों को चलाता कौन है ? इनके मालिक कौन हैं ? मीडिया चैनलों का उद्देश क्या है ? हम हमारे देश में मीडिया को Fourth Pillar Of Democracy  कहा है । आज यह चौथा स्तंभ गिर जाये तो देश को गिरने में समय नहीं लगेगा । पूरी की पूरी बिकी हुई खबरें, वही खबरें बार-बार दिखाना, जिसका कोई तथ्य नहीं है । हमारे देश में आज कितनी भुखामरी है, लोग मर रहे हैं, नेता लोग corruption करते जा रहे हैं । इन सबको साइड में रख कर समाज को गुमराह करने के लिए एक संत के बारे में कुछ पैसों के लिए वही गलत खबरें कई बार दिखा रही है ।

आज की युवा पीढ़ी को मैं यह संदेश देना चाहता हूँ कि हमारे गुरुदेव ने एक मुहीम शुरू की है मातृ-पितृ पूजन दिवस । इसे हम १४ फरवरी को मनाते हैं । विदेशी कम्पनियाँ अपना कारोबार करने के लिए १४ फरवरी को ज्यादा से ज्यादा प्रोत्साहित करती है । आज का युवा वर्ग उनके मार्ग दर्शन पर चल कर अपना जीवन, तेज, ओज बिगाड़ता जा रहा है । अगर आप सूरज के ऊपर थुंकोगे तो थुंक अपने ऊपर ही आयेगी । कुप्रचार में बिलकुल तथ्य नहीं है । मेरी बहन, माताजी कई महीने वहाँ अनुष्ठान कर चुकी हैं आश्रम में हमने और लोगों को प्रोत्साहित किया है कि आश्रम में जाकर अपना जीवन बदले ।

 

एक मुसलमान भाई का अनुभव (रहीम चाचा) 

आज मुझे ५ साल हुए हैं बापूजी का साधक बनकर । जब बापू नांदेड़ आये थे तो मुझे इतना बड़ा झटका आया, मैं नांदेड़ पहुँच नहीं सका । उसी समय मेरे बापूजी मेरे पास आये और बोले कि तुम घबराओ नहीं रहीम।  मरता कौन हैं, तुम जिंदे हो और मेरे सर पर हाथ रखें और मुझे उठा के बिठा दिए । डॉकटर मेरे पैर को हाथ लगाकर कहता है कि क्या नसीब लाये हो ? २ घंटे के बाद मैं वापिस आया । बापू ने मुझे उठाया, डॉकटरों ने तो मेरा काम तमाम कर दिया था, कपड़ा डाल दिया था मेरे ऊपर । मैं तो बापू के पैर के नीचे की धूल भी नहीं हूँ । बापू मेरे लिए सब कुछ हैं और भगवान भी कह दें कि मैं भगवान हूँ तो मैं नहीं मानूंगा । मेरे भगवान तो बापू ही हैं ।

गुरु बिना कुछ नहीं, गुरु भगवान से, माँबाप से बढ़कर होते हैं

गुरु कहते हैं मैं तुझ में हूँ, तू मुझ में है

सब यह कहते हैं मेरे गुरु महान !

लेकिन ऐसे शिष्य बनो कि गुरु कहें मेरा शिष्य महान ! 

मैं एक इलेक्ट्रॉनिक इंजीनियर हूँ । सबकुछ गुरु के कदमों में मिलता है लेकिन गुरु को जानना चाहिए 

 

लौकिक शिक्षा के साथ अगर आध्यात्मिक ज्ञान का संगम कहीं देखा गया है तो संत आशारामजी बापू के गुरुकुलों में देखने को मिलता है । इन गुरुकुलों की स्थापना देश के निर्माण को, देश की नीवं को सुदृढ़ करने के लिए किया गया था । यहाँ बच्चों की पढ़ाई के साथ-साथ सर्वांगी विकास को महत्व दिया जाता है । देश को सशक्तिकरण और समृद्धि करण देने के लिए भारत के बच्चों में अच्छे संस्कार और शक्ति का सिंचन किया जाता है ।

 

पिछले २२ वर्षों से लगातार संत आशारामजी आश्रम, राजकोट के द्वारा गिरनार की परिक्रमा करने वाले भक्तों को विशाल अन्न क्षेत्र चलाकर भोजन कराया जाता है । कितनी ही सेवाएँ उनके राजकोट आश्रम द्वारा की जाती है । इस बार यह अन्न क्षेत्र लगातार ३ दिनों तक चला जिसमें रोज लगभग ६ से ७ हज़ार भक्तों ने भोजन प्रसाद पाया । इतना ही नहीं इस बार नागपुर के महिला आश्रम द्वारा कड़ाके की ठंड से जूझते हुए लोगों में कंबल तथा खजूर वितरण की गयी ।

 

संत आशारामजी बापू अपना समय, दीवाली, होली अपने भक्तो के बीच ही मनाते हैं । कितने ही गरीब क्षेत्रों में जाकर संत आशारामजी बापू उनको जीवन जरूरी वस्तुएँ बाँटते रहे हैं ।

आज संत आशारामजी बापू और उनके परिवार को प्रताड़ित करने में कोई कसर नहीं छोड़ी जा रही है । उनके भक्तों में यह मांग तेज हो रही है कि संत आशारामजी बापू को रिहाई कब मिलेगी ? जहां बड़े-बड़े क्रिमिनल्स को रिहाई मिलती है, तो संत आशारामजी बापू को जमानत अब तक क्यों नहीं दी जा रही है ? इस बात को लेकर पूरे भारत में उनके भक्तों ने मुहीम छेड़ी हुई है । जगह-जगह धरने, आंदोलन, मौन रैलियाँ, जप, ध्यान और अनुष्ठान भी किये जा रहे हैं । इसी श्रृंखला में अहमदाबाद में हुआ था १०८ कुण्डी हवन ।

यज्ञ के बाद वहाँपर लिये गये लोगों के अनुभव (5/12/2013)

1) आज का यज्ञ करके हमें शांति ही मिली । बापूजी निर्दोष हैं और उनकी निर्दोष छुटका हो इसीलिए हमने ये यज्ञ करवाया था । यहाँ सब कुछ अच्छा ही होता है । बापूजी पर लगाये आरोप एकदम गलत हैं । बापूजी निर्दोष हैं । ऐसा हमने कभी देखा ही नहीं की यहाँ कुछ गलत होता हो । और हमारा अपना खुद का अनुभव है हम जो भी मनोकामना रखते हैं सभी पूर्ण होती हैं ।

 

2)मैं ८० के साल से आश्रम में आ रही हूँ । तब मैं छोटी थी, मेरी नई-नई शादी हुई थी । मेरे बच्चे भी नहीं थे, तब मैं आती थी । तब आश्रम में कोई पक्का काम नहीं था । सभी जगह काटों की बाड़ थी । तबसे मैं यहाँ आती हूँ । यहाँ से मेरा गाँव दूर है, मेरे पास पैसा नहीं था आने के लिए, तो कभी किसी से पैसे लेकर भी मैं हर बुधवार, रविवार को आती थी । तब मुझे गुरूजी का ऐसा प्यार और भक्ति मिली कि मुझे लगा की मैं क्या दूँ ?  मुझे यहाँ से ज्ञान मिला कि मनुष्य जीवन किसलिए हैं । जो ज्ञान ऋषि-मुनियों के आश्रम से मिलता था वह ज्ञान हमे यहाँ मिला है । हम कभी भी अपने बापूजी के बारे में ऐसा सोच और सुन भी नहीं सकते ।

 

3)मुझे बहुत ही अच्छा लगा कि बापूजी बाहर आये इसलिए जो यज्ञ हुआ आई और मुझे अपना योगदान देने का मौका मिला । बता नहीं सकती कि मैं कितनी खुश हुँ । मैं ४-५ साल की थी तब से मैं बापूजी से जुडी हूँ । अनुभव तो बहुत से हैं लेकिन वे वाणी में व्यक्त नहीं कर सकती ।

 

4) षड्यंत्रकारी बापूजी को बदनाम करने की कोशिश कर रहे हैं । बापूजी जैसे पूरे विश्व में कोई संत नहीं हैं । उनमें कितनी सादगी, आनंद भरा है वह तो हम ही जानते हैं । बापू तो हमारी हिम्मत हैं । बापू नहीं होते तो हम नहीं होते । दुनिया में उन्होंने लाखों-करोड़ों लोगों के रोग-कष्ट निवारण किये । बापू ब्रह्मज्ञानी संत हैं । जो बापूजी के लिए साजिश कर रहे हैं उनका तो विनाश ही होगा ।

 

5) मैं छोटी थी तबसे आती हूँ । ऐसा कुछ  कभी देखा, सुना नहीं । मेरे बापू बहुत दयालु हैं । मेरे बापू के साथ अन्याय हो रहा है । हमसे सहा नहीं जाता है । मैं कैसे जीती हूँ मैं ही जानती हूँ । मेरे बापू को सताना बंद कर दो अब ।

 

       6)  मैं अभी बी.कॉम. पढ़ रहा हूँ कॉलेज में । मैं जहाँ भी जाता हूँ ‘I Support Bapuji’ का ये बैच लगाकर जाता हूँ । लोग मेरे से कई प्रकार के सवाल पूछते हैं । तुमने अभी भी बाबा का बैच लगा रखा है, तुम्हे पता नहीं है कुछ इनके बारे में । मैं कहता हूँ मुझे सब पता है मैं इसलिए लगाकर घूम रहा हूँ । आपको नहीं पता इसीलिए आप लगाकर नहीं घूमते । आप गुरुदेव के बारे में क्या जानते हैं ? हम उनसे पिछले १५ सालों से जुड़ें हुए हैं । मैं कॉलेज में भी यह बैच लगाकर जाता हूँ । गर्व से मैं बोलता हूँ के मैं बापूजी का शिष्य हूँ ।  बापूजी पर लगे आरोपों में कोई सच्चाई नहीं है, fabricated आरोप हैं सब, बनावटी आरोप हैं २१० % बोगस हैं । हमारे गुरुदेव ने स्वयं बोला है । वे निर्दोष छुटेंगे और जोगी का वैसे ही महकेगा जैसा कि पहले ।

 

        7) बापूजी ने युवाशक्ति की चेतना को अच्छी ओर, भगवान की ओर लगाकर हमे सत्प्रेरणा देकर पूरे विश्व के मंगल की ओर प्रेरित किया है । बापूजी १००% निर्दोष हैं ।  आज कोई भी व्यक्ति तर्क करके, अपनी बुद्धि लड़के ऐसा बता देता है कि बापूजी भगवान नहीं हैं । जब मैं ८-९ कक्षा में पढ़ता था, हमारे घर का रेनोवेशन चल रहा था । बिजली की एक तार खुली पड़ी थी । और नीचे पानी था । मैंने जैसे ही वहाँ पैर रखा तो मैं चिपक गया और मुझे काफी देर करंट लगा । उस समय मेरे पिताजी बापूजी द्वारा दिए हुए गुरुमंत्र का जप कर रहे थे । उनको अचानक अंदर से प्रेरणा हुई जैसे बापूजी बता रहे हैं कि तेरा बेटा मुश्किल में है तू जा । पिताजी माला करते-करते उठे और उनको ऐसी प्रेरणा हुई कि जहाँ वायर लगा हुआ था उसे खींचकर निकाल दिया । मैं पूरा सफेद हो गया था, सारा खून जम गया था । डॉकटर ने भी बोल दिया था कि बहुत मुश्किल है । कोई दवाई नहीं की, पर अचानक ही घर पर मुझे होश आ गया था ।

        

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About Asaram Bapu Ji

Endearingly called ‘Bapu ji‘ also known as Sant Shri Asharamji Bapu - Sant Shri Asaramji Bapu - Sant Shri Asaram Bapuji - Sant Shri Asharam Bapuji - Sant Shri Asharam Bapu - Sant Shri Asaram Bapu, Asaram Bapu Ji, His Holiness is a Self-Realized Saint from India. Pujya Asaram Bapu ji preaches the existence of One Supreme Conscious in every human being; be it Hindu, Muslim, Christian, Sikh or anyone else. Pujya Bapu ji represents a confluence of Bhakti Yoga, Gyan Yoga & Karma Yoga.

Posted on January 13, 2014, in Uncategorized. Bookmark the permalink. Leave a comment.

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