Monthly Archives: February 2014

Julm Sahena Dugna Paap – Sant Asharamji Bapu

Julm Sahena Dugna Paap - Sant Asharamji Bapu

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MAHA SHIVARATRI

ज्योतिर्नमात्रस्वरुपाय निर्मलज्ञानचक्षुषे |

नमः शिवाय शान्ताय ब्रह्मणे लिंगमूर्तये ||

Jyotirmatraswarupaya normaljnanachakshushe |

Namah Shivaya shantaya brahamane lingamurtaye ||

“I bow before the auspicious Lord Shiva, an embodiment of Supreme peace, whose form is divinely effulgent, whose eyes are but pure knowledge, who is the Supreme Being in the form of a ‘Shivling’ (an oval shaped idol of Shiva).”

In the ‘Brahmottar Khand’ of the ‘Skanda Purana’, describing the significance of observing a fast and jagran on Shivratri, Sutaji expounded to the Rishis,

“It is a rare opportunity to observe a fast on the fourteenth moon day of the dark half of the month of Magha (Hindi month Phalguna). I feel it is still rare for human beings to keep awake on the night of Shivratri. The darshan of a Shivling and worship of Lord Shiva on this day, I believe, is even rarer.”

One gains an opportunity to worship Lord Shiva with ‘bilva patra’ (Sacred leaves used for worship of Lord Shiva) only when the punyas (Merits) of a billion lives fructify. The same punyas one earns through bathing in the Ganges for ten thousand years as are earned by worshipping Lord Shiva with ‘bilva patra’ for just once. The punyas that have gradually vanished from the world in every following age are fully present in the fourteenth moon day of the dark half of the month of Magha i.e., on the day of Shivratri. Lord Brahma and other Gods as well as Munis like Vashishtha wholeheartedly praise this day of chaturdashi.

If one observes a fast on this extolled day of Shivratri, one acquires even more punyas than those earned by performing 100 yajnas (Sacrifice, an ancient Hindu institution of religious sacrifice and oblation). ”Who in the three worlds can verily match the punya of a person who has worshipped the Shivling with just one bilva patra?’

शिवरात्रि के दिन देशी घी का दिया जला कर ‘बं‘ बीजमंत्र का सवा लाख जप करना बहुत हितकारी है | यह मंत्र शुद्ध, सात्विक भावनाओं को सफल करने में बड़ा सहयोग देगा | हो सके तो एकांत में शिवजी का विधिवत् पूजन करें या मानसिक पूजन करें | सवा लाख बार बंका उच्चारण भिन्न-भिन्न सफलताएँ प्राप्त करने में मदद करेगा | जोड़ों का दर्द, वमन, कफ एवं वायुजन्य बीमारियों, डायबिटीज आदि में यह लाभ पहुँचाता है | बीजमंत्र स्थूल शरीर को फायदा पहुँचाते ही हैं, साथ ही सूक्ष्म और कारण शरीर पर भी अपना दिव्य प्रभाव डालते हैं |

शहद सेवन से फायदे ही फायदे

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शहद खाने में जितना मीठा होता है, उससे कहीं ज्यादा ये हमारी सेहत के लिए फायदेमंद होता है ! इसमें पाए जाने वाले विटामिन ए, बी और सी हमें सेहतमंद रखने में कारगर साबित होतेहैं !

आज हम आपको शहद खाने के क्या-क्या फायदे होते हैं, उसके बारे में बताने जा रहे हैं !

शहद का प्रयोग जहां आंखों की रोशनी बढ़ाने तथा कफ एवं अस्थमा और उच्च रक्तचाप को नियंत्रित करने में कारगर सिद्ध हुआ है, वहीं रक्त शुद्धि तथा दिल को मजबूत करने में भी सहायक है ! सर्दियों में कफ और गला खराब होने की समस्याओं से निपटने में शहद बहुत मददगार है। खासतौर पर बच्चों के लिए ठंड में शहद का सेवन उन्हें पूरे मौसम में कफ और गले की समस्याओं से बचाकर रखता है।इसके सेवन से नींद भी अच्छी आती है।

1) छोटे बच्चों को दूध पिलाने से पहले शहद चटा दें। फिर दूध पिलाएं ये रोग निरोधक क्षमता बढ़ाता है।

2) बेसन, मलाई में शहद मिलाकर त्वचा पर लगाएं। थोड़ी देर बाद धो लें, चेहरा चमक उठेगा ।

3) प्रतिदिन 25 ग्राम शहद दूध के साथ जरूर लें । इससे शरीर को ताकत मिलती है।

4) त्वचा सम्बन्धी रोग हो या कहीं जल-कट गया हो तो शहद लगाएं। जादू सा असर दिखाई देगा।

5) रात को सोने से पहले दूध के साथ शहद लेने पर बहुत अच्छी नींद आती है।

6) दूध में शक्कर की जगह शहद लेने से गैस नहीं बनती और पेट के कीड़े भी निकल जाते हैं।

7) सूखी खाँसी में शहद व नींबू का रस समान मात्रा में सेवन करने पर लाभ होता है।

8) अदरक का रस और शहद समान मात्रा में लेकर चाटने से श्वास कष्ट दूर होता है और हिचकियाँ बंद हो जाती हैं।

ॐ नमः शिवाय

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शांतात्मा को दुख कहाँ – पूज्य संत श्री आशारामजी बापू

Amrit Bindu -- Aakhir Kya Kaam Aayega

मनुष्य का अपना क्या है ?

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Shri Vedamrit 17th February 2014

Shri Vedamrit 17th February 2014

Hrugved: 1.89.2 – Chhota Bengan – Katahari – Dwitiya Tithi – Brahmavaivart Puran – Brahm.: 27.29-34 – Daibetes ke gharelu ilaj Karela se – Om.

मातृ-पितृ पूजन दिवस (Parent’s Worship Day) 14th February [NEW SHORT FILM]

मातृ-पितृ पूजन दिवस (Parent's Worship Day) 14th February [NEW SHORT FILM]

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मातृ-पितृ पूजन दिवस (Parent’s Worship Day) 14th February [NEW SHORT FILM]

#ParentsWorshipDayOn14Feb मात-पिता की सेवा, ईश्वर की सेवा !

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भूलो तुम सभी को मगर, माँ – बाप को भूलना नहीं !

14th FEBRUARY

LOVE DIVINE DAY

भूलो तुम सभी को मगर, माँ – बाप को भूलना नहीं !! | मातृ-पितृ पूजन

[audio http://audio.chirbit.com/jaiboss_1391675014.mp3]

जिन मात-पिता ने अपने जीवन की हर सुबह की शुरुआत तुम्हारे हँसते – खिलखिलाते हुए चेहरे को देखकर की, अपने दिन तुम्हें खुश रखने में और अपनी रातें तुम्हारे सुनहरे भविष्य को संजोने में गुज़ार दीं, उन माँ – बाप की सेवा करने का जब अवसर आ रहा है तो क्यों अपने फ़र्ज़ और अपने कर्त्तव्य से विमुख होना ?
आओ आज हम सभी मिलकर उन मात-पिता के चरणों में वंदन कर उनके चेहरे पर ख़ुशी के आंसू छलका जाएं, उनके चेहरों पर मुस्कान ले आयें और उन्हें हर दुःख की छाव से बचाएँ !

जिन्होंने ताउम्र हमारी देखभाल की, आज उनकी सेवा करके अपनी कृतज्ञता व्यक्त करने का सुअवसर आया है ! हमारे प्रेम के सच्चे अधिकारी हमारे माता-पिता हैं, हमारा परिवार है, उन्हीं की छत्र-छाया में हम आज इतने बड़े, संस्कारी और लायक बने हैं ! तो ये प्रेम दिवस हम उन्हीं के साथ मनाएं जिनके उम्र भर के साथ की कल्पना तो भगवन श्री कृष्ण भी करते हैं ! आओ आज हम सभी इस सुअवसर का लाभ उठाएं और अपने मात- पिता की आँखों के तारे बन जाएं !

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