गरीबों के लिए पूज्य बापूजी की सहानुभूति !

Bapuji emotional

 

 

 मुझे साम्राज्य की लालसा नहीं, मैं स्वर्ग भी नहीं चाहता ! मेरे जीवन की बस एक ही आकांक्षा है कि इस संसार के दुखी मनुष्यों के कष्टों का नाश कर दूँ !  संत आशाराम बापू का जीवन असहाय और दुखी लोगों की सेवा का एक जीता-जागता उदाहरण है ! जहाँ कहीं गरीबी और अभाव है, जहाँ कहीं रोग और शोक है, जहाँ कहीं अज्ञान और अशिक्षा है, बापू का ह्रदय वहीँ उमड़ पड़ता है !

 

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अपने घर में तो दिया जलाओ, पर किसी गरीब के घर का दिया बुझा हो तो उसके यहाँ भी दिया जला आओ ! गरीब और अमीर के बीच इतना बड़ा फासला, इतना भेद-भाव ! उन गरीबों का ख्याल करोगे तो परमात्मा आप पर ज़रूर राजी होगा ! आप स्वयं तो नए कपडे पहनो, मन नहीं है, पर किसी गरीब को एक कपडा दे आओगे तो ईश्वर तुम पर प्रसन्न हुए बिना रहेगा नहीं !

 

 

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About ashramsewa

A budding journalist / anchor who knows the grace of a GURU and follows his words and preaching whole-heartedly.

Posted on April 7, 2014, in Darshan, Satsang and tagged , , , , , , , , . Bookmark the permalink. Leave a comment.

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