Author Archives: Vaibhav Ram

परमात्मा का पूरा पता ! तात्विक सत्संग

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जानिए भगवान क्या हैं ? किधर हैं और उनसे हमारी मुलाकात कैसे हों ?

क्या आपने कभी सोचा की हमे भगवन का ‘पूरा पता’ मिलेगा !

नहीं ना ! पर संतों की ऐसी कृपा बरसती रहती हीं की हम अधिकारी हों या ना हों फिर भी ऐसे ज्ञान के भंडार हमारे लिए वे खुले चोदते हैं !

सुनिए यहा पूरा पता भगवान का !

तात्विक सत्संग परमात्मा का पूरा पता

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नवसारी, गुजरात में हरिनाम संकीर्तन यात्रा

कृष्णापुर, जिला नवसारी, गुजरात में हरिनाम संकीर्तन यात्रा

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Bapuji in shiv vesh

 

 

 

 

ज्ञानवान का आत्मपद

some hindu sants throughout agesज्ञानवान आत्मपद को पाकर आनंदित होता है और वह आनंद कभी दूर नहीं होता,

क्योंकि उसको उस आनंद के आगे अष्टसिद्धियाँ तृण के समान लगती हैं।

हे रामजी ! ऐसे पुरुषों का आचार तथा जिन स्थानों में वे रहते हैं, वह भी सुनो।

कई तो एकांत में जा बैठते हैं,

कई शुभ स्थानों में रहते हैं,

कई गृहस्थी में ही रहते हैं,

कई अवधूत होकर सबको दुर्वचन कहते हैं,

कई तपस्या करते हैं,

कई परम ध्यान लगाकर बैठते हैं,

कई नंगे फिरते हैं,

कई बैठे राज्य करते हैं

कई पण्डित होकर उपदेश करते हैं,

कई परम मौन धारे हैं,

कई पहाड़ कीकन्दराओं में जा बैठते हैं,

कई ब्राह्मण हैं,

कई संन्यासी हैं,

कई अज्ञानी की नाईं विचरते हैं

कई आकाश में उड़ते हैं

और तो क्या कहे ज्ञानी के बारे में उनकी लीला तो वे ही जाने |

 

राम सेतु के पत्थर के दर्शन

राम सेतु के पत्थर की पानी मे तैरते हुए की तस्वीरें जिसकी स्थापना ७/६/१४ को जंतरमंतर पर हुई ! इसके दर्शन एकादशी तक होगी |
हरी ओम्!जंतर-मंतर पर अखण्ड धरना एवं जप पाठ नियमित रूप से चल रहा है! इस यग्य की पूर्णाहुति स्वयं बापू जी आकर करेंगे!ऐसा बापू जी ने कहा है! दिनाँक ७/६/१४ की कुछ तस्वीरें
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कृष्ण लीला – पूनम व्रतधारी विशेष – ब्रह्मचर्य

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काली माँ  की उपासना करनेवाले  बहादुर गदाधर  ठाकूर  ने पत्नी शारदा को फिर जीवन भर भोग्या नही माना… ( शारदा जी के पैरों में उन को माँ  के चरणों के दर्शन हुए थे इसलिए गदाधर ठाकुर अर्थात रामकृष्ण परमहंस..) ब्रम्हचर्य  व्रत पालते पालते कई ब्रम्हचारी फिसल जाते…लेकिन स्री  साथ में पत्नी रूप में आई और ब्रम्हचर्य   पालन जीवन भर किया…कैसी भारतीय संस्कृति की व्यवस्था है!..की आप के भाव को बादलो…

विदेश में फ्राइड नाम के मनो वैज्ञानिक  के सिद्धांत  से गुमराह हो गये है लोग…पुत्री पिता की तरफ और पुत्र माता की तरफ काम विकार से आकर्षित होते है ऐसा उस का सिद्धांत  था…लेकिन ये फ्राइड के खुद के जीवन में हुआ होगा, ऐसा सब के जीवन में नही होता..ये उस ने अपने उग्रवादी वमन से जो लिखा है उस से सारा पाश्चात्य  जगत तबाह हो गया… ‘सम्भोग  से समाधि’ का भाषण करने वाला अपना भारत का विद्वान भी फ्राइड का मनोविज्ञान  पढ़ता था… 
भारतीय संस्कृति में ऐसा नही है…दुल्हन के वस्त्र  पहेन  के पुत्री जब ससुराल जाती है सजी धजी तब पिता के गले लगती है…क्या बेटी में पिता के प्रति विकारी आकर्षण रहेगा उस समय?….अथवा पिता का पुत्री के प्रति विकारी आकर्षण रहेगा पुत्री के प्रति?…..नही नही..ये तो मेरी लाडली पुत्री है..ये मेरे पिता है जिन्हों ने मुझे जनम दिया,पाल पोस  कर बड़ा किया,सुंदर संस्कार दिए…कितने कितने सुंदर भाव होते है पिता और पुत्री के एकदुसरे के प्रति.. ‘भावग्राही  जनार्दन!’ …आप जैसा भाव करते वो  जनार्दन हरि  आप को उसी में मदद करते है…भाव का महत्व है…
अभी भी आप आसपड़ोस को माईयों को विकारी नज़र से देखो तो आप को स्वपनदोष हो सकता है..
गदाधर ठाकुर अपनी विवाहिता विधिवत की पत्नी में  माँ का दृढ़ भाव किए तो जीवन भर ब्रम्हचर्य पालन में सफल हुए..कितनी उँचाई है!..आप के अंतरात्मा में कितना सामर्थ्य है!…कोई बात दृढ़ता  से ठान  लेते है तो मनोयोग से हो जाता है…
जो पूनम व्रत करते तो आपदाओं से और दुर्गति से उन की रक्षा होती है..ये तो आप ने बाद में सुना है…
श्रध्दा  पूर्वा सर्व धर्मा फल प्रदा: l
श्रध्दा सभी धर्मों के पूर्व में होती है और मनोरथों को पूर्ण करने वाली फल दायिनी  वो माता श्रध्दा है…वेदों में ‘श्रध्दा सूक्त’ है , उस की अपनी महिमा है….श्रध्दा से सब कुछ  आसान हो जाता है …

लाभकारी फलों तथा सब्जियों के रस से तमाम बीमारियों का इलाज

शरीर की रोगप्रतिरोधक शक्ति (इम्यून पावर) बढ़ाने के लिये—दो गाजर,एक छोटा टुकड़ा अदरक,एक सेब सबको मिलाकर मिक्सी में पीसकर रस निकाल लें इस तरह से एक ग्लास रस रोजाना नाश्ते के साथ लेते रहें

 

कॉलेस्ट्रॉल घटाएं- एक सेब, एक ककड़ी के चार टुकड़े करके,सात गेहूं के जवारे (यानि गेहूं के दाने गमले में उगा लीजिये अब घांस जैसे पत्ते निकलते रहेंगें वही है जवारे)इन सब को पीसकर प्रति दिन एक ग्लास सुबह नाश्ते में सेवन करें।

पेट की गड़बड़ी तथा सरदर्द मिटाएं- ककड़ीचार पांच टुकड़े,थोड़ी पत्तागोभी,सलाद के पत्ते सबको पीस लें रोज सुबह इसके रस का सेवन करें।
सांस की बदबू हटाएं तथा अपना रंग निखारे-दो टमाटर, दो सेब को मिलाकर रस निकाल लें रोजाना नाश्ते में पियें। अद्वितीय लाभ होगा।

किसी किसी के शरीर का तापमान हमेशा बढ़ा रहता है उसे नार्मल करने के लिये एक करेला,दो सेब का रस रोजाना नाश्ते में सुबह सेवन करें। इससे और भी फायदे हैं जैसे मुंह से बदबू का आना ,किसी- किसी की पेशाब से अधिक बदबू आती है सब ठीक हो जायेगा।

Vidyarthee Shivir , Jagannath Puri – Orissa

 

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बापूजी के दर्शन (५/६/’१४)

 

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Aligarh mei Suprachar Prabhat feri

अलीगढ़,उत्तर प्रदेश में 4/6/’14 को फिर से निकली सुप्रचार प्रभात फेरी |

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