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#Bail4Bapuji – 11-1-14 – Sant Shri Asharamji Ashram News Bulletin (मंगलमय संस्था समाचार)

Sant Shri Asharamji Ashram News Bulletin (मंगलमय संस्था समाचार) 11-1-14

Sant Shri Asharamji Ashram News Bulletin (मंगलमय संस्था समाचार) 11th January, 2014

आज संत आशारामजी बापू से जुडी हर छोटी-बड़ी खबर दिखने का कई चैनलों द्वारा दवा किया जा रहा है जिसके लिए उन्हें कितना ही झूठ क्यों ना बोलना पड़े । कुछ समय पहले शिवा भाई के मोबाइल से अश्लील वीडियो क्लिप मिलने का दावा किया गया । इसकी सच्चाई का पता तब चला जब शिवा भाई मिडिया के सामने आकर बोले : बापूजी कभी किसी लड़की से एकांत में मिलते नहीं हैं । लड़की का आरोप था के शिवा भाई ने उसको अंदर भेजा था और धमकी दी थी कि बाहर कोई बात ना करें । शिवा भाई वहाँ से ७ बजे निकल गये थे, जिनके सबूत उन्होंने कोर्ट में दे दिए । वे बापूजी के साथ ८ साल से हैं और उन्होंने मिडिया के सामने कहा के ऐसा कुछ हुआ नहीं है । अगर कुछ होता तो लड़की सामन्य स्थिति में ना होती जबकि वो रात वही रुकी, खेली अगले दिन गये तो किसी से ऐसा कुछ नहीं कहा । मेरे साथ भी बहुत जबरदस्ती की गयी की मैं वही कहूं जो वो मुझसे कहलवाना चाहते हैं । मेरी शिखा खिंच के उखाड़ ली गयी ।
एक वीडयो जिसमें संत आशारामजी बापू छोटी सी बच्ची के कंधे पर हाथ रखकर आशीर्वाद दे रहे थे, उसके लिए मिडिया में उनके अवैद्य संबंध घोषित कर दिए । इस बात को लेकर उस परिवार में काफी रोष है । और उन लोगों ने उन चैनलों के खिलाफ ऐफ.आई.आर. भी करवा दी है । उन चैनलों के खिलाफ छोटी बच्ची की इज्जत उछालने के लिए पोस्को की धारा और ज़ीरो ऐफ.आई.आर. भी लगी है । और फिर भी उनके
कर्मियों को आज सजा क्यों नहीं दी जा रही इस बात को लेकर पुरे भारत की जनता में आक्रोश है ।
ट्विटर पर भी आज बापूजी के पुरे विश्व भर के साधकों ने धूम ही मचा दी है । संत आशारामजी बापू की रिहाई को #Bail4Bapuji करके ट्वीट चल रही है । इस खबर को मिडिया में भी दिखाया जा रहा है । बार-बार ये आवाज उठ रही है के संत आशारामजी बापू को बेल क्यों नही मिल रही है और चैनलों पर गलत खबरें क्यों दिखायी जा रही हैं ?
अहमदाबाद आश्रम में रहने वाली महिलाओं को पुलिस द्वारा प्रताड़ित किया जा रहा है । पुलिस बिना वारंट के वहाँ पहुँच जाती है । बापूजी के आश्रमों में पुलिस सिविल वर्दी में जा कर पुरुष अधिकारीयों द्वारा महिलायों से पूछ-ताछ की जा रही है । जानबूझकर उनको प्रलोभन दिए जा रहे हैं कि वो लोगों संत आशारामजी बापू के खिलाफ बोले । महिला आश्रम की जाँच गुजरात महिला आयोग द्वारा की जा चुकी है और उन्हें क्लीन चिट मिली है । लेकिन फिर भी संत आशारामजी बापू को प्रताड़ित किया जा रहा है । इसीलिए वहाँ की बहनों ने ऐफ.आई.आर. भी दर्ज करवाई है ।

वकील बी. एम. गुप्ता  का इस बारे में कहना है कि : “कानून के दायरे में ये नहीं है । उसका कारण एक ही है के पोलिस को इन्वेस्टिगेशन करने के लिए कहीं भी जाने का हक है इसमें कोई शक नहीं । लेकिन अगर कहीं खास उद्देश्य से जाना है, तो उनको कारण बताना पड़ता है की हम इस उद्देश्य से इस जगह पर जा रहें हैं । और अगर किसी रम की सर्च करनी है तो पोलिस के पास या तो सर्च वारंट होना चाहिए, या फिर पहले रेसोल्यूशन पास करना पड़ता है । और उसकी नोटिंग करनी होती है की इस उद्देश्य से रूम के अंदर की तलाशी लेनी है । लेकिन पोलिस ये लीगल कोई कार्यवाई नहीं करती है । और यही फरियाद शोभा भोसले डी.सी.पी. सूरत, के खिलाफ मैंने कोर्ट में फ़ाइल की है । और अभी फरियाद दूसरी भी तैयार होकर डी.बी. रवया के खिलाफ फ़ाइल होने वाली है । और ये जाकर लेडीज को तंग करती है । गलियां बकती हैं जो की एक औरत के मुँह से अच्छी ना लगे । और अकेले में ले जाकर बापू के खिलाफ फरियाद करो हम तुम्हे प्रोटेक्शन देंगें । तुम्हे पैसे देंगें । इस तरह का लालच देतीं हैं, जो मुझे बताया गया है । उस हिसाब से ये जो सारा कम है…. ,  इन्वेस्टिगेशन का हक है…… , दायरे से बाहर जाकर ये कार्यवाही कर रही है । एक ही बात इसके दिमाग में है, जोधपुर पोलिस नाम कमा गयी, सूरत पोलिस ने नाम कमा लिया, मैं आज तक नाम नहीं कमा पाई । इसलिए ये लेडीज को वहाँ जाकर परेशान करती हैं, धमकियाँ देती हैं । और लेडीज को जाकर कहती हैं कि फरियादी बनो, मैं तुम्हे प्रोटेक्शन दूंगी ।
ये पुलिस का कानून के विरुद्ध का ये व्यवहार ही सिद्ध कर देता है कि संत आशारामजी बापू और उनके परिवार वालों को फ़साने की साजिश रची जा रही है । महिला आश्रम में पुरुष पुलिस का एक महिला को घेर कर सवाल करना, आश्रमों में बिना वारंट के छापे मारना और महिलाओं को प्रताड़ित करना …… ।”

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नारायण साईं को भी जेल में प्रताड़ित किया जा रहा है । उनके साथ अभद्र व्यवहार किया जा रहा है, उन तक खाना नहीं पहुँचने दिया जा रहा है । तरुण तेजपाल जैसे बलात्कार के आरोपियों को, बड़े-बड़े राजनेताओं को भी जेल में वी.आई.पी. सुविधा मिल जाती है । और कई बम कांड में फँसे हुओ को भी पैरोल मिल जाती है परन्तु संत आशारामजी बापू और उनके परिवार को, जहाँ अभी आरोप सिद्ध नहीं हुआ है, इसके बाद भी उनको जेल में रख कर प्रताड़ित करना क्या उचित है ?
सनातन संस्था के प्रमुख प्रवक्ता श्री अभय व्रतक जी ने संत आशारामजी बापू का समर्थन करते हुए ये बात पहले से ही कह दी थी के संत आशारामजी बापू को एक षड्यंत्र के तहत फसाया जा रहा है ।
संत आशारामजी बापू एक उच्च कोटि के संत हैं । उनके सानिध्य में आने से कितने ही भक्तों को अलोकिक अनुभव हुए हैं । विज्ञान जगत के बड़े-बड़े डॉकटर भी संत आशारामजी बापू के द्वारा हुए चमत्कारों को देखकर आश्चर्य चकित हो जाते हैं ।
अनुभव उज्जैन के जवाहरलाल पाठी :
जवाहर के डॉकटर :
इनका एकसिडेंट हुआ जाबड़ा में । ये उज्जैन आये रात को ११-११.३० बजे । इनकी जाँघ, टाँग, पसलियाँ टूट गयी थी । इनकी जाँच के बाद इनका ऑपरेशन हुआ । उसके बाद इनको स्ट्रेचर से उतरने लगे तब इनकी साँस भयानक तरीके से चल रही थी । बाकि सब नॉर्मल, सब डॉकटर हैरान । सब दवाइयां देके देख लिया । फिर इन्होने फोन पर किसी से बात कि और बोले अब आप जाओ सब ठीक है । हम भी देख के हैरान के सब ठीक था । मैंने उनसे बाद में पूछा की क्या हुआ था ? वो पूरा समय बापू को याद कर रहा था । उसने कहा मैंने बापू से बात की, और जब तबियत ज्यादा खराब हुई तो बापू खुद आयें और कहा तुम ठीक हो जाओ । और ये ठीक हो गए । मेरा विज्ञानं नहीं मानता इन चीजों को, लेकिन मैंने देखा है तो मैं मानता हूँ ।
जवाहर :
मेरा एकसिडेंट हुआ जाबड़ा से १०किलो मीटर बॉर्डर पे शाम को ६ बजे । १०० की स्पीड से गाड़ी भीड़ गयी बस से । गाड़ी आगे से चपटा हो गयी, जाँघ, टाँग, पसलियाँ टूट गयी थी । तुरंत बाबजी ने एक ट्रक जान पहचान का भेज दिया । वो १० मिनट में हसपताल ले गया और पट्टी करवाई । फिर डॉकटर भटनागर के यहाँ ले गये । वहाँ ऑपरेशन हुआ । हमारे गुरूजी साधक का इतना ध्यान रखते हैं के कोई नहीं रखता इतना ध्यान….  ।

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Sant Shri Asharamji Ashram News Bulletin (मंगलमय संस्था समाचार) 3-1-14

Sant Shri Asharamji Ashram News Bulletin (मंगलमय संस्था समाचार) 3-1-14

Sant Shri Asharamji Ashram News Bulletin (मंगलमय संस्था समाचार) 3rd January 2014
Anchor – Neelam Dubey, Mangalmay Sanstha Samachar

बापू आशाराम आज जोधपुर की जेल में बंद हैं । मिडिया, खास कर एलेक्ट्रोनिक मिडिया बापू आशाराम में कोई ना कोई कमी ढूँढ ही लेती है । लेकिन कर्नाटक में मांड्या से तहियत शंको सुल्ताना बापू को मुर्शिद मानती हैं । जरा देखते हैं उनका क्या कहना है ।

मेरे पीर और मुर्शद का नाम है पीर शैयद रसूल शाह खादरी एफ़ी ऐनुर अहमतुला अली । तो उनके पीर और मुर्शद का, मेरे दादा मुर्शद का नाम है शैयद अमीर शाह खॅजरी अहेमद तुला अली । तो मेरे पीर पर्दा होगये बाद परेशान बहुत रही थी । तो ४ बरस कर्नाटक से कश्मीर तक बहुत घूमी । मुझे कोई सही फकीर मेरे पीर के जैसा नही मिला । तब मैं आशाराम बापू के छिंदवाड़ा आश्रम को गयी थी । उधर बापूजी कि फ़ोटो देखते ही मेरे पीर का हुकुम हो गया ये फकीर तेरे को सही है । आशाराम पीर जो हैं वो भगवान है । तू उधर ही ठहर जा । तो मैं आशाराम बापूजी के छिंदवाड़ा आश्रम में ८ दिन रुकी । जब से मैंने मंत्र दीक्षा ली मेरा हर काम रूहानी के हिसाब में, बापूजी तो शिव भगवान हैं । जिस दिन मैं आई उस दिन ही एक तरफ मेरे पीर-मुर्शिद को देखी और दूसरी तरफ तो भोलेनाथ भगवान बैठे हुए थे । मैं समझ गयी ये पीर के नाम पे भगवान बैठा है । मैं समझ गयी ये भगवान के नाम पे पीर बैठे हैं जिन्दा । अल्ला-ताला ने चाहे मेरे को जन्नत दो, चाहे दोजख दो, दोजख के अंदर में जलने में तैयार हूँ । लेकिन मेर्रे पीर शैयद रसूल शाह खादरी को और आशाराम बापूजी को मैं छोड़ने को तैयार नहीं हूँ । मैं तो जब कुरान शरिख पढूँगी तो भी मेरे पीर का नाम लेके, दूसरे पीर मेरे आशाराम बापूजी ही हैं यही बोल के मैं कुरान भी उठाती हूँ, पढ़ती हूँ ।

और कर्नाटक से चलते हैं महाराष्ट्र की तरफ । महाराष्ट्र में महिलाओं का एक समूह बापू आशाराम के समर्थन में खुलम-खुला उतर चूका है । और साफ-साफ कह रहा है अब हम षड्यंत्रकारियों को नही बख्शेंगे ।

१० साल पहले बापूजी को कहीं से ये पता चला की जो लड़कियाँ, महिलाए कॉल सेंटर में रात को काम करती हैं या देर तक काम करती हैं । उनके साथ कुछ गलत व्यवहार हो रहा है, उनका शारीरिक शोषण होता है । उनके साथ बहुत बुरी हरकतें होती हैं तो इन सब के लिए बापूजी ने महिला उत्थान आश्रम कि स्थापना कि । यहाँ पर हम सब महिलांए मिलकर जिस महिला के साथ दुर्व्यवहार होता है, तो हम सब एकत्रित होकर उसकी सहायता करते हैं । हमारे एक केंद्र में १००-१५० महिलाएं हैं । और अगर पुरे उल्हासनगर में देखा जाये तो हज़ारों से ज्यादा होंगी । क्या से क्या आरोप लगाये जा रहे हैं के बापूजी महिलाओं के साथ शोषण करते हैं या महिलाओ से गलत हरकतें कि गयी हैं । हम यहाँ पर इतनी सारी महिलांए मौजूद हैं, लेकिन हम में से तो किसी के पास कोई मिडिया वाला आया नहीं । हमे तो किसी ने कुछ पूछा नहीं । पता नहीं कहाँ से कौनसी औरतें ले कर आई गयी हैं । उनसे क्या बात कि गयी है, वो क्या कह रही हैं ? हमें कुछ पता नहीं है । लेकिन हम इतने सालों से जा रहे हैं अहमदाबाद जाते हैं, सूरत जाते हैं, जहां पर बापूजी का सत्संग होता है हम जाते हैं । लेकिन कभी हमारे साथ कोई भी दुर्व्यवहार हुआ नहीं है । कभी भी हमारे साथ कोई भी गलत हरकत नहीं हुई है । यहाँ पर कितनी सारी महिलाये हैं जो घर-गृहस्ती संभालती हैं, कोई जॉब करती हैं । कोई किसी अच्छे पद पर से आई हैं । कितनी सारी लड़कियाँ आतीं हैं बाल-संस्कार चलाती हैं, कॉलेज जतिन हैं । यहाँ पर आकर बापूजी के संपर्क में आकर हर महिला को ये अनुभव होता है कि वो किस तरह से अपना घर-संसार चलाये । किस तरह से वो बाहर जाकर अपनी रक्षा करें ।

लाखो-करोड़ों महिलाए हैं आज बापूजी के साथ, हमारे जैसी हैं । यहाँ तो १०-१५ दिखाई देंगीं आपको । लेकिन जो दिखाई नहीं देती, जिनकी रिकॉर्डिंग नहीं हो रही है, या मिडिया को दिखाई नहीं दे रहा है । मिडिया हम लोगों तक खान पहुंची है ?  लेकिन फिर भी मिडिया आरोप लगा रही है । ये तो सब गलत है ।

मैं खुद एक पत्रकारिता की पढ़ाई कर रही हूँ । क्योंकि मैं इतने सारे सत्संगों पर जा रही हूँ । इतनी सारी किताबे पढ़ी हूँ । यौवन सुरक्षा किताब पढ़ी हूँ । बापूजी ने हर एक को ५ बार पढ़ने को बोली है । जब से मैंने ये किताब पढ़ी है मेरे अंदर एक शक्ति आई है । तो बापूजी कि वाणी में, बापूजी के हर शब्द में इतनी पवित्रता, इतना सत्य और इतनी सत्विकता है तो बापूजी कैसे किसी लड़की के साथ ऐसा दुर्व्यवहार कर सकते हैं ? हम तो नहीं मानते और बापूजी कभी करेंगें भी नहीं तो कोई कितना भी बोलेगा बापूजी ऐसे, बापूजी वैसे हम तो किसी के ऊपर विश्वास रखने वाले नहीं । मैं खुद मेरा अनुभव बोलती हूँ । मैं बापूजी के सान्निध्य में आने से मैं संयमता में बहुत आगे बढ़ चुकी हूँ । मेरी आयुष्य(जीवन) में अगर बापूजी नहीं होते तो मैं किधर जाती मुझे भी पता नहीं है । बापूजी कि कृपा से संयमी और बापूजी की सदाचारी लड़की हूँ और हमेशा रहूँगी ।

आशारामजी बापूजी पर जो भी आरोप लगे हैं इसमें ये कहा जाता है कि लक्ष्मी मैया और भारती दीदी ने इसमें उनका सहयोग किया है । लेकिन ऐसे कैसे हो सकता है ? हम कितनी बार आश्रम में अनुष्ठान के लिए गये हैं । कभी ११ दिन कभी २१ दिन । तो हम हमेशा लक्ष्मी मैया के और भारती दीदी के संपर्क में आये हैं । तो उन्होंने तो हमे हमेशा संयमी कैसे रहना है, अच्छी बातें जिससे हमे व्यवहारिक जीवन में फायदा हो सकें, अध्यात्मिक जीवन में फायदा हो सकें इस बारे में उन्होंने हमें सहयोग किया है । तो ऐसा तो हमने कभी देखा नहीं । मेरे जैसे कई शादी से पहले भी  कितनी सारी लड़कियाँ आश्रम में रूकती हैं लेकिन हमने कभी ये देखा नहीं के ऐसा कुछ हुआ है ।

हाँ हम सब बापूजी के साथ हैं ।

प्रसिद्ध भागवत कथाकार देवकीनंदन ठाकुर ने साफ़ साफ़ कहा है कि सारे आरोप हिन्दू संतों पर ही क्यों लगाये जाते हैं ? और जब आरोप लगते हैं, आरोप तय होने से पहले सजा क्यों दे दी जाती है । ऐसा दूसरे धर्म के संतों के साथ क्यों नहीं किया जाता ? उनके सवालों का जवाब दुनिया को देना ही पड़ेगा । देखते हैं

आई प्रॉमिस मैं किसी के पक्ष में नहीं हूँ और किसी के विपक्ष में नहीं हूँ । व्यासपीठ पर बैठा हूँ, एक-एक बात सच कह रहा हूँ । मैं आप सबसे एक बात कहना चाहूँगा । इंसानों में गलतियाँ होती हैं । आप में हिम्म्त है तो सिर्फ अच्छाई को स्वीकार करो, बुराई का परित्याग करो । ये तुम में होनी चाहिए इतनी अच्छी बात । और फिर अगर किसी में कमी है तो दे कानून सजा दे । हम जैसा कोई व्यक्ति अगर गलत करें तो १००० बार फाँसी की सजा दो । लेकिन वो सिर्फ हिंदुओं पे ही लागु ना हो । भारत एक है, राष्ट्र एक है, कानून सबके लिए एक जैसा होना चाहिए ।  भारत सुदृढ रहेगा, अखंड रहेगा । जितने भी चोर, पाखंडी हैं, चाहे किसी भी धर्म के सबको सजा मिलनी चाहिए । सिर्फ हमी लोगों को चुनेंगें ? वजह क्योंकि उन्हें पता है ये सब जो बैठे हैं ये स्वार्थी हैं । जबतक महाराज कथा सुनाता रहेगा, मुंडी हिलाते रहेंगे, ताली बजाते रहेंगें । लेकिन जब महाराज को जेल में बंद कर दिया जायेगा तो महाराज की बुराई किस चैनल पर दिखाई जा रही है यह पूछ कर टीवी देखेंगे । राधे-राधे बोलो ! हाँ या ना, सही कह रहा हूँ ? गलत कह रहा हूँ, बोलिये ? आपको समझ में नही आती ये बात ? तुम्हारे लिए कोई और आयेगा ऊपर से समझाने ? जितना हिन्दू धर्म को निभाने कि मेरी जिम्मेदारी है, उतनी हिन्दू धर्म को आगे बढ़ाने कि यहाँ पर बैठे हुए और आस्था पर सुन रहे सभी कि जिम्मेदारी हैं । जिन्होंने अपनी हिन्दू माँ कि कोख से जन्म लिया है, जिसने हिन्दू माँ का दूध पिया है ! जिसने दूध पिया है, वो धर्म कि रक्षा करने के लिए आगे बढ़े, अगर आगे नही बढ़ा तो वो सच्चा हिन्दू हो नहीं सकता । राष्ट्र का भक्त नहीं हो सकता, वो अपने सनातन धर्म का भक्त नहीं हो सकता । जबसे मैंने कथा करनी शुरू कि मैंने किसी धर्म कि निंदा नहीं कि है और नाही करूँगा । लेकिन कोई हमारे धर्म पर कीचड़ उछलेगा तो ? माफ़ करना प्यारों ! अभी (हिंदुस्तान की) माताओं ने शेरों को जन्म देना बंद नहीं किया है । ये कभी मत भूलना ये देश कि लक्ष्मी बाई भी हाथ में तलवार उठा सकती है अपने राष्ट्र की रक्षा के लिए, अपने धर्म की रक्षा के लिए ! हम तो स्त्री नहीं है, हम तो पुरुष हैं ! ये ब्राह्मण ! दुष्टों के लिए परशुराम हैं ! डरना उस दिन से, जिस दिन ये ब्राह्मण परशुराम हो जायेंगें । अभी तो भक्ति के पथ पर हैं । आप सबसे ये निवेदन करेंगे First You Respect Your Religion Then You Respect Your Parents, After That You Respect Your Country, After That You Respect Your Society Then You Respect Yourself . उसके लिए प्राण न्यौछावर करने के लिए इबादत करो, तब जाकर तुम्हारा धर्म बचेगा । धर्म की रक्षा के लिए भगवान आते हैं बार-बार । पिताजी कहीं काम में बिज़ि(व्यस्त) हो जाये तो बेटे को काम सम्भालना चाहिए । जिस-जिस को अपने ठाकुर के आज्ञा कि चिंता है वो ठाकुर के काम को सम्भालों । क्योंकि मेरा ठाकुर धर्म कि रक्षा के लिए आता है ॥

परित्राणाय साधू नाम विनाशायच दुष्कृताम धर्म संस्थापन अर्थाय सम्भावनी युगे-युगे ॥ 

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बड़े गजब कि बात है कि एक लड़की नारायण साईं पर बलात्कार का आरोप लगाने के लिए एफ.आई.आर. दर्ज करवाती है । लेकिन ये कैसे सम्भव है के २००१ में अगर बलात्कार हुआ है उस लड़की का तो वो ही लड़की २०१३ में नारायण साईं से आशीर्वाद लेने पहुँचती है ? ये देखिये, ये तस्वीर साफ-साफ बयाँ कर रही है यहाँ ये लड़की अपने पति के साथ नारायण साईं के पास आशीर्वाद लेने पहुँची है ।

जाने-माने नेता सुबर्मण्यम स्वामी ने निर्दोष संतों के लिए आवाज उठाई है । कांचीकाम कोठी के शंकराचार्य जयेंद्र सरस्वती ९ साल तक परेशानियाँ झेलते रहे । साध्वी प्रज्ञा पर भी संगीन आरोप लगे और ६ साल तक वो जेल में रहीं । और फिर वो निर्दोष भी साबित हुई । नित्यानंद स्वामीजी भी एक सी.डी. प्रकरण में गलत तरीके से फ़साये गये और वो भी निर्दोष साबित हुए । इतना ही नहीं केशवानंदजी भी ७ साल तक बलात्कार के केस में फसे रहे ।  और फिर वो भी निर्दोष साबित हुए । जमाना यही पूछ रहा है के संतों पर कबतक ऐसे अत्याचार चलते रहेंगे ?

Sant Shri Asharamji Ashram News Bulletin (मंगलमय संस्था समाचार) 2nd January 2014

Sant Shri Asharamji Ashram News Bulletin (मंगलमय संस्था समाचार) 2nd January 2014

Sant Shri Asharamji Ashram News Bulletin (मंगलमय संस्था समाचार) 2-1-14,

संत आशारामजी बापू और नारायण साई जी को फसाया गया है ।

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Sant Shri Asharamji Ashram News Bulletin ( मंगलमय संस्था समाचार ) 31-12-13

Sant Shri Asharamji Ashram News Bulletin ( मंगलमय संस्था समाचार ) 31-12-13

Sant Shri Asharamji AshramNews Bulletin ( मंगलमय संस्था समाचार ) 31st December 2013

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